अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में सोमवार को एक अनूठा धार्मिक आयोजन चर्चा का विषय बन गया। शहर के रामकोट क्षेत्र स्थित एक निजी आश्रम में कुछ संतों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सफलता और उनके देश की मजबूती की कामना को लेकर विशेष हवन-पूजन और वैदिक अनुष्ठान किया। कार्यक्रम के दौरान विश्व शांति और आतंकवाद के समूल नाश की भी प्रार्थना की गई।
आयोजन का नेतृत्व महंत रामदास शास्त्री और उनके सहयोगी आचार्य धर्मेंद्र गिरि ने किया। संतों का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं था, बल्कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति और स्थिरता की कामना को लेकर आयोजित किया गया। अनुष्ठान में करीब 25 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुति दी। हवन स्थल पर नेतन्याहू का चित्र रखकर तिलक किया गया और उनके कुशल नेतृत्व के लिए मंगलकामना की गई।
महंत रामदास शास्त्री ने बताया कि भारत और इजराइल के बीच वर्षों से मजबूत कूटनीतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि “जब दुनिया अशांति से जूझ रही हो, तब आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से शांति की कामना करना हमारी सनातन परंपरा का हिस्सा है।”
हालांकि इस आयोजन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे संत समाज की व्यक्तिगत आस्था बताया, जबकि अन्य ने सवाल उठाया कि किसी विदेशी राजनीतिक नेता के समर्थन में धार्मिक अनुष्ठान कितना उचित है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही। अयोध्या पुलिस ने एहतियातन आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी थी, लेकिन किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

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