मुजफ्फरनगर। जनपद के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही एक संविदा लाइनमैन की जान पर भारी पड़ गई। बेगराजपुर विद्युत उपकेंद्र से संबद्ध संविदा कर्मचारी की हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों और किसान संगठनों ने बिजली विभाग के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव मोलाहेड़ी निवासी सोनू कुमार (पुत्र हरेंद्र) बेगराजपुर स्थित बिजली घर में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को उन्हें जडौदा गांव के पास हाईटेंशन लाइन की मरम्मत के लिए भेजा गया था। बताया जाता है कि कार्य शुरू करने से पहले नियमों के अनुसार बिजली सप्लाई का शटडाउन लिया गया था। सोनू खंभे पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहे थे, तभी अचानक लाइन में करंट दौड़ गया।
अचानक आए तेज करंट की चपेट में आने से सोनू गंभीर रूप से झुलस गए और खंभे से नीचे गिर पड़े। आसपास मौजूद कर्मचारियों और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बेगराजपुर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया। सूचना पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक तथा भारतीय किसान यूनियन के नेता अहसान त्यागी भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
काफी देर तक चले हंगामे और वार्ता के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को 22.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है
