नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत सड़क हादसे के शिकार व्यक्तियों को देशभर के चिन्हित अस्पतालों में अधिकतम ₹1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में स्वीकृति दी गई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय में पीड़ित को बिना आर्थिक बाधा के उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि समय पर चिकित्सा मिलने से जान बचाई जा सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार योजना के अंतर्गत दुर्घटना के बाद प्रारंभिक सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने की स्थिति में उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी। इसके लिए एक समन्वित तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अस्पताल सीधे निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान प्राप्त करेंगे।
मंत्रालय ने बताया कि कई मामलों में दुर्घटना के बाद परिजन उपचार खर्च की व्यवस्था करने में समय गंवा देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। नई योजना इस समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
योजना को मोटर वाहन दुर्घटना कोष से जोड़ा जाएगा और देशभर के सरकारी तथा चयनित निजी अस्पतालों को इससे संबद्ध किया जाएगा। आपातकालीन सेवाओं और नियंत्रण कक्षों को भी इस व्यवस्था से समन्वित किया जाएगा, ताकि घायल व्यक्ति को शीघ्र अस्पता पहुंचाकर उपचार शुरू कराया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group