लखनऊ। राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की महासभा के आयोजन को जिला प्रशासन ने अनुमति प्रदान कर दी है। हालांकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति को ध्यान में रखते हुए यह अनुमति 26 शर्तों के साथ दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर कार्यक्रम की अनुमति तत्काल निरस्त की जा सकती है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार यह महासभा 11 मार्च को लखनऊ स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, साधु-संत संगठनों के प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।
बताया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में यह आयोजन गौ संरक्षण और उससे जुड़े धार्मिक-सामाजिक मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न राज्यों से आए संत-समाज के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे और संबंधित विषयों को लेकर सरकार के समक्ष मांगें भी प्रस्तुत की जाएंगी।
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, विवादित बयान या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हो। इसके अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई गई है।

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