लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने तथा विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने से जुड़े कई फैसले शामिल हैं।
बैठक के बाद सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अब अपनी चल और अचल संपत्तियों के साथ-साथ वित्तीय निवेश की भी पूरी जानकारी सरकार को उपलब्ध करानी होगी। इसमें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश से जुड़ी जानकारी भी शामिल होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार सभी विभागों को निर्देश दिए जाएंगे कि उनके अधीन कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी अपनी संपत्ति का विवरण निर्धारित प्रारूप में समय पर प्रस्तुत करें। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी जानकारी देने में लापरवाही करता है या गलत विवरण देता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
कैबिनेट बैठक में इसके अलावा प्रदेश के विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें विभिन्न विभागों की योजनाओं को स्वीकृति, प्रशासनिक सुधारों से जुड़े निर्णय तथा प्रदेश में निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम शामिल हैं।
