नई दिल्ली। देशभर में टैक्स चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आयकर विभाग ने होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की विभिन्न टीमों ने एक साथ 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्टोरेंट्स और फूड आउटलेट्स पर सर्वे और जांच अभियान चलाया। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की आय और बिक्री को छिपाने के संकेत मिले हैं।
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई उन प्रतिष्ठानों के खिलाफ की गई, जिनके वित्तीय आंकड़ों और आयकर रिटर्न में बड़ा अंतर पाया गया था। डिजिटल डाटा विश्लेषण के दौरान विभाग को पता चला कि कई रेस्टोरेंट्स अपनी वास्तविक बिक्री को कम दिखाकर टैक्स दे रहे थे। कुछ मामलों में बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से बिक्री के वास्तविक आंकड़ों को रिकॉर्ड से बाहर रखने की भी आशंका जताई गई है।
जांच के दौरान आयकर विभाग की टीमों ने विभिन्न शहरों में मौजूद रेस्टोरेंट्स के अकाउंट बुक, कंप्यूटर डाटा, बिलिंग सिस्टम और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। प्रारंभिक जांच में लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री छिपाने से जुड़े संकेत मिले हैं, जिसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि देश में तेजी से बढ़ रहे फूड एंड बेवरेज सेक्टर में पारदर्शिता बनाए रखने और कर व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने देशभर के हजारों रेस्टोरेंट संचालकों के वित्तीय डाटा का विश्लेषण कर ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की, जिनके आय और बिक्री के आंकड़ों में असामान्य अंतर दिखाई दिया।
आयकर विभाग ने इस अभियान के तहत कई रेस्टोरेंट संचालकों को नोटिस भी जारी किए हैं और उन्हें अपने आयकर रिटर्न में वास्तविक आय का विवरण देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में टैक्स चोरी की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आयकर अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिन कारोबारियों के वित्तीय आंकड़ों में गड़बड़ी पाई जाएगी, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
