नई दिल्ली। दिल्ली की चर्चित आबकारी (शराब) नीति से जुड़े मामले में एक बार फिर न्यायिक हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित इस मामले में नामजद सभी आरोपितों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है। अदालत ने संबंधित पक्षों से निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें एजेंसी की जांच और कार्रवाई को लेकर कुछ टिप्पणियां की गई थीं। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि ट्रायल कोर्ट की उक्त टिप्पणियां जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए उन्हें हटाया जाना आवश्यक है।
इस मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अन्य आरोपितों के नाम भी सामने आए हैं। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि उनके जवाब मिलने के बाद मामले की अगली सुनवाई में आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई नई आबकारी नीति को लेकर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। आरोप है कि इस नीति के माध्यम से कुछ निजी कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और कथित रूप से धन के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। इसी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय दोनों एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।
