मुज़फ्फरनगर, 13 फरवरी 2026। जनपद में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल गिरफ्तारी” का डर दिखाता था और फिर उनसे लाखों रुपये ठग लेता था।
प्रेस वार्ता में एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन पुत्र रहीसुद्दीन निवासी खालापार, शाहरुख पुत्र इकबाल निवासी मिमलाना रोड तथा नदीम पुत्र याकूब निवासी भोपा रोड, मुज़फ्फरनगर के रूप में हुई है। इनमें से एक आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वीडियो कॉल कर पीड़ितों को बताते थे कि उनके आधार या बैंक खाते से गैरकानूनी लेन-देन हुआ है। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और वारंट दिखाकर उन्हें घंटों ऑनलाइन रोके रखते थे। डर के कारण पीड़ित अपनी जमा पूंजी बताए गए खातों में ट्रांसफर कर देते थे। ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों और डिजिटल माध्यमों से घुमाया जाता था, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
साइबर टीम की पड़ताल में लगभग 85 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। देश के कई राज्यों से करीब 70 शिकायतें इस गिरोह से जुड़ी पाई गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, चेकबुक और लेन-देन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।
तीनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी क्राइम ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो पर निजी जानकारी साझा न करें। यदि कोई खुद को अधिकारी बताकर धमकाए तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य साथियों की तलाश जारी है।

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