नई दिल्ली/मस्कट, 12 मार्च 26। मध्य-पूर्व के समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच व्यापारी जहाजों पर हुए हमलों में भारतीय नाविकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हाल ही में हुए एक हमले में दो भारतीय क्रू सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य नाविक के लापता होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित देशों के अधिकारियों से संपर्क साधा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह घटना उस समय सामने आई जब खाड़ी क्षेत्र से गुजर रहे कुछ व्यापारी जहाजों को निशाना बनाया गया। इन्हीं घटनाओं में एक मालवाहक जहाज भी हमले की चपेट में आया, जिस पर विभिन्न देशों के चालक दल के सदस्य तैनात थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जहाज पर अचानक हुए हमले के बाद विस्फोट और आग लगने की स्थिति पैदा हो गई, जिससे चालक दल में अफरा-तफरी मच गई।
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जहाज पर तैनात भारतीय नाविक भी इस घटना से प्रभावित हुए। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कई क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दो भारतीय नाविकों की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं एक अन्य भारतीय नाविक का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और उसकी तलाश के लिए खोज अभियान जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों को सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित नाविकों के परिवारों को सूचना दी जा रही है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों में सुरक्षा जोखिम बढ़ा है। यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी घटना का वैश्विक शिपिंग गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
