कानपुर। शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाते हुए बड़े स्तर पर छापेमारी की। जिलाधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को कई इलाकों में दबिश देकर अवैध गैस कारोबार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर, रिफिलिंग मशीनें और उपकरण बरामद किए गए।
बताया गया है कि ग्वालटोली थाना क्षेत्र में एक मकान में चोरी-छिपे घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध तरीके से गैस भरने का काम चल रहा था। सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर छापा मारा तो वहां से 40 से अधिक गैस सिलेंडर, छह रिफिलिंग मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और पाइप उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने मौके से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
इसके अलावा फेथफुलगंज इलाके में भी प्रशासनिक टीम ने छापा मारकर गैस सिलेंडर और अवैध रिफिलिंग के उपकरण जब्त किए। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ गैस एजेंसियों से जुड़े लोग भी इस पूरे खेल में शामिल हो सकते हैं। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
उधर प्रशासन की इस सख्ती का असर शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। दादानगर, पनकी और फजलगंज औद्योगिक क्षेत्र की करीब 150 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां गैस सिलेंडरों के सहारे ही उत्पादन करती हैं। अचानक सप्लाई चैन टूटने से कई इकाइयों में काम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि अगर जल्द कमर्शियल गैस की नियमित सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उत्पादन रुक सकता है और हजारों मजदूरों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो सकता है।
जिला प्रशासन का कहना है कि शहर में गैस की कमी नहीं है, बल्कि कालाबाजारी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर का दुरुपयोग करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
