मुजफ्फरनगर। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट में अहम बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्य की प्रगति और उससे जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत जनपद में नो मैपिंग लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी के अंतर्गत कुल 4,46,318 नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अब तक 4,12,420 नोटिसों (करीब 92.40 प्रतिशत) पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष नोटिसों पर कार्रवाई अभी जारी है।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान जनपद में अब तक फार्म-6 के कुल 1,25,054 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न होने पाए।
डीएम ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि यदि पुनरीक्षण प्रक्रिया से संबंधित कोई समस्या सामने आती है तो तत्काल प्रशासन को अवगत कराया जाए। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे ऐसे पात्र नागरिकों को चिन्हित कर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में सहयोग दें, जिनका नाम अब तक सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार सिंह के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें भारतीय जनता पार्टी से ओम प्रकाश उपाध्याय, बहुजन समाज पार्टी से इंतजार अली, समाजवादी पार्टी से साजिद हसन और सोमपाल सिंह, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से सुभाष उपाध्याय, आम आदमी पार्टी से अजय चौधरी तथा कांग्रेस पार्टी से ममनून खान (एडवोकेट) शामिल रहे।

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