शेखपुरा। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में रैंक आने का दावा कर गांव-इलाके में खुद को आईएएस बताने वाले एक युवक की हकीकत सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा छिड़ गई है। कुछ दिन पहले तक जिसे लोग “आईएएस साहब” कहकर सम्मानित कर रहे थे, वही युवक अब फर्जी साबित हो गया।
मामला शेखपुरा जिले के एक गांव का बताया जा रहा है, जहां के रंजीत यादव नाम के युवक ने दावा किया कि उसने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है और उसकी ऑल इंडिया रैंक करीब 400 आई है। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों में खुशी का माहौल बन गया और लोगों ने उसे अफसर मानकर सम्मान देना शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि गांव में बाकायदा कार्यक्रम रखा गया, जहां पूर्व विधायक और स्थानीय थाना पुलिस ने भी मंच पर बुलाकर युवक को सम्मानित कर दिया। इस मौके पर गांव में मिठाइयां बांटी गईं और कई घरों में दावत का माहौल भी बन गया।
कार्यक्रम के दौरान युवक ने मंच से खड़े होकर लंबा मोटिवेशनल भाषण भी दिया। उसने युवाओं को मेहनत करने, लक्ष्य तय करने और बड़े सपने देखने की नसीहत दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। देखते ही देखते उसका स्पीच वाला वीडियो वायरल हो गया।
लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उसकी सफलता की सच्चाई जानने की कोशिश की। जब यूपीएससी के आधिकारिक परिणामों और सूची की जांच की गई तो पता चला कि रंजीत यादव नाम के इस युवक की कोई रैंक नहीं है। जिस रैंक का दावा किया जा रहा था, वह किसी दूसरे अभ्यर्थी की निकली।
सच्चाई सामने आते ही गांव में हैरानी फैल गई। जिन लोगों ने उसे आईएएस समझकर सम्मान दिया था, वे खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे। चर्चा यह भी है कि युवक ने सोशल मीडिया और लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर खुद को अफसर साबित करने की कोशिश की।
घटना के बाद अब यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिनों के लिए पूरे गांव को लगा कि उनका बेटा आईएएस बन गया, लेकिन जब हकीकत सामने आई तो सबके चेहरे उतर गए।
