बुलंदशहर। जनपद बुलंदशहर में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित बताने वाली युवती का दावा आखिरकार प्रशासनिक जांच में झूठा साबित हो गया। कुछ दिन पहले तक जिस खबर को लेकर गांव-गांव में खुशी का माहौल था, वहीं अब सच्चाई सामने आने के बाद लोग हैरान हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई पड़ताल में युवती का IAS बनने का दावा कहीं से भी सही नहीं पाया गया।
बताया जा रहा है कि बुलंदशहर जिले के एक गांव की रहने वाली शिखा गौतम ने अपने परिचितों और सोशल मीडिया के माध्यम से यह प्रचारित किया था कि उसने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर 113वीं रैंक प्राप्त की है और उसे IAS कैडर मिला है। युवती के इस दावे के बाद क्षेत्र में यह खबर तेजी से फैल गई। गांव के लोगों ने उसे बधाई देना शुरू कर दिया और कुछ जगहों पर स्वागत-सम्मान की तैयारी भी होने लगी।
मामला तब पलटा जब कुछ लोगों को युवती के दावे पर शक हुआ और उन्होंने इसकी सच्चाई जानने के लिए प्रशासन से शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी बुलंदशहर ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों ने UPSC की आधिकारिक चयन सूची और रिकॉर्ड की पड़ताल की।
जांच में सामने आया कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणामों में शिखा गौतम नाम की किसी भी अभ्यर्थी का 113वीं रैंक या IAS चयन दर्ज नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों ने जब युवती से इस संबंध में प्रमाण और दस्तावेज मांगे तो वह भी सही और प्रमाणित नहीं पाए गए।
प्रशासनिक जांच में दावा झूठा निकलने के बाद अब पूरे मामले की चर्चा जिले भर में हो रही है। पहले जहां गांव में “बिटिया IAS बन गई” की खबर पर खुशी का माहौल था, वहीं अब सच्चाई सामने आने के बाद लोग हैरानी जता रहे हैं।

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