मेरठ, 12 मार्च 26। मेरठ में खुद को भारत सरकार का बड़ा अफसर बताकर लोगों पर धौंस जमाने वाले एक युवक की असलियत उस वक्त सामने आ गई, जब शराब के नशे में उसका तमाशा बन गया। आरोपी लंबे समय से खुद को आईएएस अधिकारी और केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव बताकर रौब झाड़ रहा था, लेकिन पुलिस की पूछताछ में उसकी पोल खुल गई।
बताया जाता है कि शहर के एक इलाके में राहुल कौशिक नाम का युवक देर रात शराब के नशे में सड़क पर हंगामा कर रहा था। आसपास के लोगों ने शोर-शराबा देखकर पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उसे शांत कराने की कोशिश की तो युवक ने उल्टा पुलिस पर ही धौंस जमानी शुरू कर दी।
आरोपी ने खुद को दिल्ली में तैनात आईएएस अधिकारी बताते हुए कहा कि वह भारत सरकार में संयुक्त सचिव के पद पर काम करता है और किसी सरकारी काम से मेरठ आया हुआ है। उसकी बातों और तेवर देखकर कुछ देर के लिए पुलिस भी चौंक गई, लेकिन जब उससे पहचान और तैनाती के बारे में विस्तार से पूछा गया तो उसके जवाब उलझने लगे।
पुलिस को शक हुआ तो सख्ती से पूछताछ की गई। थोड़ी ही देर में साफ हो गया कि जिस आईएएस अफसर की वह कहानी सुना रहा था, वह पूरी तरह झूठी है। आरोपी के पास ऐसा कोई दस्तावेज भी नहीं मिला जिससे उसकी बात सही साबित हो सके।
जांच में सामने आया कि युवक काफी समय से खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताकर लोगों के बीच अपनी धाक जमाने की कोशिश करता था। वह कई जगह अपने कथित पद का हवाला देकर प्रभाव दिखाता था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करने और शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं उसने इस झूठी अफसरगिरी के सहारे किसी से पैसा या फायदा तो नहीं उठाया।
