नई दिल्ली, 13 मार्च 26। देश में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच केंद्र सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने अस्थायी व्यवस्था के तहत होटल, ढाबों और बड़े रसोईघरों को खाना बनाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर असर पड़ा है। ऐसे में सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए होटल और खानपान से जुड़े प्रतिष्ठानों को कोयला, केरोसिन (मिट्टी का तेल) और अन्य पारंपरिक ईंधनों का सीमित उपयोग करने की छूट दी है।
बताया जा रहा है कि कई बड़े शहरों में होटल और ढाबा संचालकों को गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे थे, जिससे भोजन व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह अस्थायी कदम उठाया है, ताकि खानपान सेवाएं पूरी तरह बंद न हों और कारोबार भी चलता रहे।
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त मात्रा में केरोसिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है। राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
