मुज़फ्फरनगर, 13 मार्च 26। जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी मिलने पर दो संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि कई संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देशन में डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान सदर बाजार क्षेत्र में स्थित श्री पैथोलॉजी लैब में आवश्यक लाइसेंस व दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। मानकों का पालन न पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लैब को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
इसके बाद टीम ने शामली रोड स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जहां कुछ जरूरी अभिलेखों व व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान प्रेमपुरी क्षेत्र स्थित भार्गव क्लीनिक में भी आवश्यक दस्तावेजों में कमियां मिलने पर क्लीनिक संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया।
वहीं मीनाक्षी चौक स्थित पल्स डायग्नोस्टिक सेंटर की एक्स-रे यूनिट की जांच में एक्स-रे संचालन से संबंधित अनुमति पत्र और जरूरी अभिलेख पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं मिले। इस पर विभाग ने एक्स-रे यूनिट को मौके पर ही सील कर दिया और संचालक को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी क्षेत्र में स्थित अंसारी पैथोलॉजी लैब में भी रिकॉर्ड व पंजीकरण से जुड़े कुछ अभिलेख अधूरे पाए गए, जिस पर संचालक को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना वैध अनुमति या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित किसी भी अस्पताल, क्लीनिक या लैब को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी संचालकों से अपने लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य दस्तावेज अद्यतन रखने तथा शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। यदि कहीं भी अवैध संचालन या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
