मुजफ्फरनगर। जनपद के सरकारी कार्यालयों में बिजली की अनावश्यक खपत पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को ऊर्जा संरक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि कार्यालयों में बिजली का फिजूल इस्तेमाल न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है बल्कि शासन की ऊर्जा संरक्षण नीति के भी विपरीत है।
एडीएम द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि विभिन्न कार्यालयों के निरीक्षण और मीडिया में प्रसारित खबरों के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि कई कार्यालयों में बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद बिजली का अनावश्यक उपयोग किया जा रहा है। कहीं लाइटें और पंखे बिना जरूरत के जलते रहते हैं तो कहीं हीटर और अन्य उपकरण लंबे समय तक चलते रहते हैं।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सर्दी के मौसम में हीटर और ब्लोअर का प्रयोग केवल अत्यंत आवश्यकता होने पर ही किया जाए, अनावश्यक रूप से हीटर चलाने पर रोक रहेगी। वहीं गर्मियों में पंखे, कूलर और एसी का उपयोग भी केवल कार्यालय अवधि और जरूरत के अनुसार ही किया जाए।
इसके साथ ही कार्यालय कक्षों, बरामदों और अन्य स्थानों पर लाइटें केवल आवश्यकता पड़ने पर ही जलाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि जैसे ही वे अपने कक्ष या कार्यालय से बाहर निकलें, यह सुनिश्चित करें कि लाइट, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण बंद हों।
एडीएम गजेन्द्र कुमार ने यह भी निर्देशित किया है कि कार्यालय समय समाप्त होने के बाद पूरे भवन का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी विद्युत उपकरण अनावश्यक रूप से चालू न रह जाए।
उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि ऊर्जा संरक्षण को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं और अन्य कर्मचारियों को भी इसके लिए जागरूक करें, ताकि मिलकर बिजली की बचत के साथ सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
