नई दिल्ली/जोधपुर। लद्दाख के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उन पर लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) वापस ले लिया है, जिसके बाद राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद वांगचुक की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि वह लगभग 170 दिनों से हिरासत में थे।
सूत्रों के अनुसार वांगचुक को वर्ष 2025 के सितंबर महीने में लद्दाख क्षेत्र में हुए विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रम के बाद हिरासत में लिया गया था। प्रशासन ने उन पर माहौल भड़काने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए सख्त कानून NSA के तहत कार्रवाई की थी। बाद में सुरक्षा कारणों से उन्हें लद्दाख से स्थानांतरित कर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।
करीब साढ़े पांच महीने जेल में रहने के बाद अब गृह मंत्रालय ने मामले की समीक्षा करते हुए उनकी नजरबंदी समाप्त करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के आदेश के बाद जेल प्रशासन को रिहाई से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। माना जा रहा है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद देश के कई हिस्सों में सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने विरोध भी जताया था। अब सरकार द्वारा NSA हटाए जाने के फैसले के बाद उनके समर्थकों में राहत का माहौल है।
