नई दिल्ली। बहुजन आंदोलन के प्रणेता और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश में बहुजन समाज के सम्मान, अधिकार और बराबरी की लड़ाई अभी अधूरी है और कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि कांशीराम ने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को राजनीतिक चेतना देने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर उन्हें सत्ता और व्यवस्था में हिस्सेदारी के लिए प्रेरित किया। राहुल गांधी के अनुसार, कांशीराम का मानना था कि संविधान ही समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने का सबसे मजबूत माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि संविधान के मूल सिद्धांतों—समानता, न्याय और अधिकार—को मजबूती से बचाया जाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की भावना को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर इसका विरोध करती रहेगी।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जब तक बहुजन समाज को सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक सामाजिक न्याय का सपना पूरी तरह साकार नहीं हो सकेगा। उन्होंने कांशीराम के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए युवाओं से उनके संघर्ष और सिद्धांतों से प्रेरणा लेने की अपील की।
कांशीराम की जयंती के मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों में भी सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वहीं इस बयान के बाद बहुजन राजनीति और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एक बार फिर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
