लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में बसपा की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मॉल एवेन्यू स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में हुए कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके सामाजिक व राजनीतिक संघर्षों को याद किया।
इस मौके पर मायावती ने अपने संबोधन में कहा कि कांशीराम ने जीवनभर दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर राजनीति में उसकी भागीदारी बढ़ाने का काम किया, जिसकी वजह से आज बहुजन समाज अपनी राजनीतिक ताकत को समझ रहा है।
मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियां पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के नाम पर केवल नारेबाजी करती हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि यह महज राजनीतिक दिखावा है, जबकि बहुजन समाज के वास्तविक उत्थान के लिए ठोस नीतियों और ईमानदार प्रयासों की जरूरत है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांशीराम के विचारों को घर-घर तक पहुंचाएं और बहुजन समाज को जागरूक करने का काम करें। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, जिला स्तर के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कांशीराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
