लखनऊ, 16 मार्च 26। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर के साथ मिलने वाले नए बिजली कनेक्शनों की लागत में भारी कटौती का निर्णय लिया है। ऊर्जा विभाग के इस फैसले के बाद अब प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ नया कनेक्शन लेना पहले की तुलना में लगभग आधी कीमत पर संभव होगा।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम करना और बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था के तहत सिंगल फेज प्रीपेड स्मार्ट मीटर कनेक्शन की लागत, जो पहले करीब छह हजार रुपये के आसपास पड़ती थी, उसे घटाकर लगभग 2800 रुपये कर दिया गया है। वहीं थ्री फेज कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को पहले 11 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ता था, जिसे अब कम कर करीब 4100 रुपये के आसपास कर दिया गया है।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक यह निर्णय प्रदेश में तेजी से लागू की जा रही स्मार्ट मीटर परियोजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू होने से बिजली बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण मिल सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में उपभोक्ता मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से बिजली रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे बकाया बिल और मीटर रीडिंग से जुड़े विवादों में भी कमी आने की संभावना है। इसके अलावा बिजली चोरी पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी।
प्रदेश सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि नए कनेक्शन जारी करते समय संशोधित शुल्क व्यवस्था को तुरंत लागू किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। ऊर्जा विभाग के अनुसार राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है और आने वाले समय में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
