मुजफ्फरनगर। तीर्थ नगरी शुक्रताल के वन क्षेत्र में अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई को लेकर किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई कराने की मांग की।
भाकियू (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि गंगा नदी पार स्थित बुकड़ी के जंगल की लगभग 1200 बीघा वन भूमि पर लंबे समय से अवैध खेती की जा रही है। उनका कहना है कि यह जमीन वन विभाग की है, लेकिन इसके बावजूद वहां गेहूं और गन्ने की फसल उगाई जा रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ वन विभाग कर्मचारियों और स्थानीय भूमाफियाओं की मिलीभगत होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि तीर्थ क्षेत्र के आसपास की कीमती वन भूमि पर कब्जा कर खेती और अन्य गतिविधियां की जा रही हैं, जिससे जंगल को नुकसान पहुंच रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि हाजीपुर क्षेत्र में खड़े शीशम के पुराने पेड़ों की अवैध कटाई कराई गई है। किसानों ने वन विभाग के सिपाही अमित कुमार पर भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। इसके अलावा आरोप लगाया गया कि शिवधाम के पास एक निजी प्लॉट में वन भूमि से मिट्टी उठाकर भराव कराया गया।
भाकियू नेताओं ने जिलाधिकारी को कुछ वीडियो साक्ष्य भी सौंपे हैं। उनका दावा है कि एक वीडियो में एक महिला द्वारा वन विभाग के कर्मचारी पर 40 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया गया है।
