मुजफ्फरनगर, 18 मार्च 2026। महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की ओर से विस्तृत जानकारी जारी की गई है। विभाग ने बताया कि दहेज उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं, विधवा महिलाओं तथा उनकी पुत्रियों के हित में कई लाभकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित हैं, जिनके माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
जारी विज्ञप्ति के अनुसार दहेज प्रताड़ना का शिकार हुई महिलाओं को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसी महिलाएं जिनके मामले भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के अंतर्गत न्यायालय में विचाराधीन हैं और जिनके पास आय का कोई साधन नहीं है, उन्हें विभाग की ओर से कानूनी सहायता के साथ आर्थिक सहयोग भी दिया जाता है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
इसके अतिरिक्त 35 वर्ष से कम आयु की विधवा महिलाओं के पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने हेतु एक विशेष योजना संचालित है, जिसके अंतर्गत पुनर्विवाह करने वाले दंपत्ति को एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य विधवा महिलाओं को सामाजिक रूप से पुनर्स्थापित करना और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर प्रेरित करना है।
वहीं, विधवा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है, जिससे कमजोर वर्ग के परिवारों को सहयोग मिल सके और बेटियों के विवाह में आने वाली आर्थिक बाधाओं को कम किया जा सके।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि इच्छुक लाभार्थी कार्यालय से निःशुल्क आवेदन पत्र प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। पात्रता के आधार पर चयनित आवेदकों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
महिला कल्याण विभाग की ये योजनाएं समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही हैं, जो उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं।
