मेरठ। शहर के थाना देहली गेट थाना क्षेत्र में विदेशी मूल की मां-बेटी के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि दोनों महिलाएं मूल रूप से पाकिस्तान की निवासी हैं और पिछले लगभग 34 वर्षों से मेरठ में रह रही थीं। मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
शिकायतकर्ता रुकसाना ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शहर के ब्रास बैंड कारोबारी फरहत मसूद वर्ष 1988 में पाकिस्तान गए थे, जहां उन्होंने सबा उर्फ नाजी से विवाह किया। विवाह के बाद सबा भारत आ गई और यहीं रहने लगी। आरोप है कि उनकी बेटी ऐमन, जिसका जन्म पाकिस्तान में हुआ, उसे भी बाद में भारत लाकर स्थानीय स्तर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहचान दिलाई गई।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि ऐमन का जन्म प्रमाणपत्र और अन्य पहचान संबंधी कागजात भारत में तैयार कराए गए, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं थी। पुलिस ने दस्तावेजों की सत्यता की जांच शुरू कर दी है और संबंधित विभागों से रिकॉर्ड तलब किए हैं।
मामले को गंभीर तब माना जा रहा है क्योंकि शिकायत में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संभावित संबंध होने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जासूसी से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, मां-बेटी के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल, पासपोर्ट रिकॉर्ड और विदेश यात्राओं की जानकारी खंगाली जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि यदि वे विदेशी नागरिक थीं तो इतने वर्षों तक स्थानीय सत्यापन प्रक्रिया से कैसे गुजरती रहीं और पहचान पत्र कैसे जारी हुए।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और विदेशी अधिनियम के उल्लंघन की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां इसे संवेदनशील मानकर देख रही हैं।
