मुजफ्फरनगर, 18 मार्च 2026। जनपद के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों में गिने जाने वाले बिंदल समूह पर बुधवार को आयकर विभाग ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक साथ कई ठिकानों को जांच के दायरे में लिया। सुबह की पहली किरण के साथ शुरू हुई इस कार्रवाई ने शहर के औद्योगिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी और दिनभर बाजारों में इसी की चर्चा बनी रही।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की विशेष टीम पूर्व नियोजित योजना के तहत दिल्ली से सीधे मुजफ्फरनगर पहुंची थी। टीम ने शहर में प्रवेश करते ही विभिन्न इकाइयों और संबंधित परिसरों पर एक साथ दबिश देकर पूरे ऑपरेशन को गोपनीय बनाए रखा। कार्रवाई के दौरान संबंधित स्थलों की आवाजाही नियंत्रित कर दी गई और अंदर मौजूद सभी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
बिंदल समूह की जिन इकाइयों को जांच के दायरे में लिया गया, उनमें पेपर उद्योग से जुड़ी प्रमुख फैक्ट्रियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, समूह से जुड़े आवासीय परिसरों, विशेष रूप से गांधी कॉलोनी क्षेत्र में स्थित भवनों में भी आयकर अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। माना जा रहा है कि इन स्थानों से जुड़े कारोबारी गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान आयकर अधिकारियों ने कार्यालयों में रखे लेखा-जोखा से संबंधित अभिलेख, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा और अन्य डिजिटल दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी गहन जांच शुरू की। कर्मचारियों से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की जा रही है, ताकि वित्तीय गतिविधियों की सटीक जानकारी जुटाई जा सके।
इस अभियान का विस्तार बिजनौर जनपद तक भी देखा गया, जहां चांगीपुर स्थित शुगर मिल में टीम ने पहुंचकर प्रशासनिक और वित्तीय विभागों की जांच की। हालांकि उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया गया और किसानों के कार्य सामान्य रूप से चलते रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कार्रवाई केवल वित्तीय जांच तक सीमित रखी गई है।
सूत्र बताते हैं कि आयकर विभाग का मुख्य फोकस समूह के आय स्रोतों, व्यय संरचना, पुराने खातों के मिलान और डिजिटल लेन-देन के विश्लेषण पर है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं अघोषित आय या कर संबंधी अनियमितताएं तो नहीं हुई हैं।
पूरे ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल को अलर्ट रखा गया। संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने बाहरी संपर्क पर भी निगरानी रखी, ताकि किसी प्रकार की सूचना लीक न हो सके।
हालांकि देर शाम तक आयकर विभाग की ओर से कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आने वाले समय में इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद मुजफ्फरनगर के औद्योगिक और व्यापारिक वर्ग में सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है।
