लखनऊ/मुजफ्फरनगर, 20 मार्च 2026। प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लिया गया यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही मांगों के बीच आया है, जिससे जमीनी स्तर पर काम कर रही महिला कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्रदेश में वर्तमान समय में करीब 3 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, बड़ी संख्या में सहायिकाएं और हजारों आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर टीकाकरण, पोषण अभियान, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दे रही हैं। इसके बावजूद इन्हें अब तक सीमित मानदेय पर काम करना पड़ रहा था, जिसे लेकर लगातार आवाज उठ रही थी।
सरकार के इस फैसले के बाद अब इन कर्मियों को पहले की तुलना में काफी अधिक मानदेय मिलने की उम्मीद है। हालांकि सरकार की ओर से अभी नई दरों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बढ़ोतरी ऐसी होगी जिससे इनकी आर्थिक स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा। फिलहाल आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को लगभग ₹8000 और सहायिका को करीब ₹4000 प्रतिमाह मिलते हैं।
इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और ग्रामीण स्तर पर चल रही स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं को मजबूत करना है। अधिकारियों का मानना है कि जब कर्मचारियों को उचित मानदेय मिलेगा तो उनका मनोबल बढ़ेगा और योजनाओं का क्रियान्वयन भी बेहतर होगा।
इसी के साथ सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों को और मजबूत करने के लिए हजारों पदों पर नई भर्ती की जाएगी, जिससे बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
