नई दिल्ली। राजधानी के तुगलक रोड स्थित वीआईपी क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी को लेकर मिली जान से मारने की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। मंत्री के प्रथम निजी सहायक (पीए) विश्वेन्द्र शाह के मोबाइल पर आए एक अज्ञात कॉल में सीधे तौर पर मंत्री को निशाना बनाने की बात कही गई, जिसके बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
शिकायत के मुताबिक 18 मार्च 2026 को सुबह करीब 11 बजे विश्वेंद्र शाह के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए बातचीत के दौरान कहा कि मंत्री जयंत चौधरी को मार दिया जाएगा। आरोपी ने यह भी पूछा कि क्या उन्होंने वह कागजात देखे हैं जो भेजे गए हैं, और बातचीत में एमपी5 जैसे आधुनिक हथियार का जिक्र करते हुए धमकी को और स्पष्ट किया।
फोन कटने के बाद आरोपी ने उसी नंबर से व्हाट्सएप पर कई संदेश भेजे। इनमें एक कथित “सरकारी टूर प्रोग्राम” भी था, जिसमें साफ तौर पर “इनको गोली मार दो” जैसे शब्द लिखे हुए थे, जो सीधे तौर पर मंत्री को निशाना बनाने का संकेत दे रहे थे। इसके अलावा आरोपी ने लोकेशन शेयर की और कई वॉइस मैसेज भेजकर लगातार धमकियां दीं।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि दोबारा संपर्क करने पर आरोपी ने कहा कि यह निर्देश उसे “ऊपर से” मिले हैं, जिससे मामले ने और भी गंभीर और संदिग्ध रूप ले लिया है।
मामले का एक और खतरनाक पहलू सामने आया है। विश्वेंद्र शाह के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उनके आवास के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। घर के गेट, आने-जाने वाले लोगों और समय की निगरानी की जा रही थी। करीब तीन दिन पहले रात 9 से 10 बजे के बीच एक सफेद रंग की कार, जिसके शीशे काले थे, उनके आवास के पास काफी देर तक खड़ी रही और उसमें बैठे लोग निगरानी करते नजर आए।
घटना के तुरंत बाद पीए ने तुगलक रोड थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही फोन कॉल, व्हाट्सएप चैट, वॉइस मैसेज, फेसबुक और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। कॉल करने वाले नंबर की लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित साजिश के एंगल की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे सुनियोजित तरीके से मंत्री को धमकाने और भय का माहौल बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
