बिजनौर। चैत्र नवरात्रि के बीच बिजनौर जिले में कुट्टू के आटे से जुड़ा एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। नजीबाबाद और मंडावली क्षेत्र के कई गांवों में व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खाने के बाद एडीएम स्तर के अधिकारी सहित 35 से अधिक लोग अचानक बीमार पड़ गए, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नजीबाबाद क्षेत्र के मोटा आम इलाके की एक दुकान से खरीदे गए कुट्टू के आटे का सेवन कई गांवों—सिकरौड़ा, लाहक कला, मोहनपुर और खैरुल्लापुर—के लोगों ने व्रत के दौरान किया था। देर रात से लेकर सुबह तक लोगों में एक जैसे लक्षण तेजी से सामने आने लगे।
बताया जा रहा है कि आटा खाने के कुछ ही समय बाद लोगों को उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई घरों में एक साथ लोग बीमार पड़ गए। प्रभावित लोगों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे गंभीर स्थिति तब बनी जब प्रशासन से जुड़े एडीएम स्तर के अधिकारी की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बीमारों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर, नजीबाबाद और जिला अस्पताल बिजनौर में भर्ती कराया। कुछ मरीजों की हालत नाजुक होने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर भी किया गया।
चिकित्सकों के अनुसार यह स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसकी वजह खराब, बासी या मिलावटी कुट्टू का आटा हो सकता है। सभी मरीजों को दवाएं और आवश्यक तरल उपचार दिया जा रहा है तथा स्वास्थ्य टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अधिकांश मरीजों की हालत अब नियंत्रण में बताई जा रही है।
घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। संदिग्ध दुकान को चिन्हित कर वहां से कुट्टू के आटे के सैंपल लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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