मुजफ्फरनगर। चैत्र नवरात्रि के पहले ही दिन शाहपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव में व्रत के दौरान खाया गया कुट्टू का आटा लोगों के लिए मुसीबत बन गया। कुट्टू की पकौड़ी खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कुल पांच लोगों की हालत अचानक बिगड़ गई, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार मीरापुर निवासी प्रमोद (48) के घर व्रत के लिए कुट्टू के आटे से पकौड़ी बनाई गई थी। यह आटा गांव के पास स्थित एक स्थानीय दुकान से खरीदा गया था। सुबह करीब 5 बजे पकौड़ी खाने के कुछ ही देर बाद घर के सदस्यों को तेज उल्टियां, पेट में मरोड़, घबराहट और अत्यधिक कमजोरी महसूस होने लगी।
बीमार होने वालों में लक्ष्मी (23), आशु (25), मीनू (25) और प्रमोद (48) निवासी मीरापुर के अलावा सलेमपुर निवासी संतलेश (52) भी शामिल हैं, जिन्होंने वही आटा खाने के बाद समान लक्षण महसूस किए। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने सभी को तत्काल जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर में भर्ती कराया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि कुट्टू का आटा संभवतः खराब, बासी या मिलावटी हो सकता है, जिसके सेवन से यह स्थिति बनी। मरीजों को आवश्यक दवाएं और तरल उपचार दिया जा रहा है तथा उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं माना गया है।
घटना के बाद मीरापुर और आसपास के क्षेत्रों में व्रत के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाजार में बिना जांच के पुराना और संदिग्ध आटा बेचा जा रहा है, जिससे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित दुकान की जांच कर कुट्टू के आटे के सैंपल लिए जाएं और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

