अयोध्या/मथुरा। चैत्र नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की व्यापक श्रृंखला देखने को मिल रही है। इसी क्रम में अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भारतीय संस्कृति और परंपरा विश्व को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के पुनरुत्थान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या विश्व के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो रही है और यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगर के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय ब्रज दौरे पर मथुरा और वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की और संतों से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने वृंदावन स्थित प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में पहुंचकर आशीर्वाद लिया और ब्रज की आध्यात्मिक परंपरा की सराहना की।
राष्ट्रपति ने अपने दौरे के दौरान वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन भी किया। उनके दौरे को लेकर मथुरा और वृंदावन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
धार्मिक कार्यक्रमों और वीआईपी दौरे के चलते अयोध्या, मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की थीं। पूरे प्रदेश में नवरात्र के अवसर पर धार्मिक माहौल बना हुआ है और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
