मुजफ्फरनगर। नवरात्र व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बनी कचौरी खाना गांव मोरना निवासी एक परिवार को भारी पड़ गया। कचौरी खाने के कुछ समय बाद ही परिवार के कई लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने मामले को फूड प्वाइजनिंग से जुड़ा बताया है।
जानकारी के अनुसार थाना भोपा क्षेत्र के गांव मोरना निवासी सत्येंद्र पाल के घर नवरात्र व्रत के चलते कुट्टू के आटे की कचौरी बनाई गई थी। कचौरी खाने के कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने लगे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
बीमार होने वालों में सुधा पत्नी सत्येंद्र पाल और खुशी पुत्री सत्येंद्र पाल सहित परिवार के अन्य सदस्य शामिल बताए गए हैं। अस्पताल में तैनात डॉक्टर ने बताया कि दूषित या खराब कुट्टू के आटे के सेवन से फूड प्वाइजनिंग होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है और फिलहाल उनकी हालत में सुधार है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खरीदते समय सावधानी बरतें और ताजा व पैक्ड आटा ही प्रयोग करें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा
