लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनके समाधान में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत आने का मतलब है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं कमी है, इसलिए अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें।
सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी की समस्या सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जमीन कब्जे, पुलिस कार्रवाई, आर्थिक सहायता, इलाज, पेंशन, आवास और स्थानांतरण से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए।
इस दौरान कुछ सैनिक परिवारों के मामले भी मुख्यमंत्री के सामने आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जवान देश की सुरक्षा में लगे हैं, उनके परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिकों और उनके परिजनों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, ताकि जवान देश सेवा बिना किसी चिंता के कर सकें।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर भी गंभीरता दिखाते हुए कहा कि यदि कोई गरीब व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो उसे सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज रुकना नहीं चाहिए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि जनता को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत का समाधान समय सीमा के भीतर किया जाए और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्या का समाधान ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे और कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई शुरू करा दी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी।
