लखनऊ। प्रदेश सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए किसानों को राहत देते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही प्रदेश में सरकारी स्तर पर गेहूं खरीद की विस्तृत कार्ययोजना भी तय कर दी गई है।
कैबिनेट के फैसले के तहत इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति क्विंटल अधिक है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
सरकार द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में गेहूं खरीद अभियान 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। इसके लिए राज्य के सभी 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों से सीधे खरीद की जाएगी। भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
गेहूं खरीद की जिम्मेदारी विभिन्न एजेंसियों को सौंपी गई है, जिनमें भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम, पीसीएफ, यूपी कोऑपरेटिव यूनियन, नैफेड तथा मंडी परिषद प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से खरीद व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में कृषि के साथ-साथ ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसमें सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने, बिजली उत्पादन लागत कम करने तथा प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे निर्णय शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि एक ओर जहां किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

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