मुजफ्फरनगर, 23 मार्च 2026। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशन में जिला कारागार मुजफ्फरनगर स्थित बाल बैरक का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी, सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रधान किशोर न्याय बोर्ड मुजफ्फरनगर ने जेल अधीक्षक के साथ बाल बैरक में बंद किशोर बंदियों की स्थिति, अभिलेखों एवं सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बंदियों की आयु सत्यापन से संबंधित अभिलेखों की विशेष रूप से जांच की गई। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जिन बंदियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत लाभ मिलना चाहिए, उन्हें नियमानुसार सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
इस अवसर पर दोषसिद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की जानकारी दी गई तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बंदियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि यदि किसी बंदी को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में कानूनी सहायता की आवश्यकता हो तो वह जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन दे सकता है, जिस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जिन बंदियों के मामले ई-जेल लोक अदालत अथवा जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते हैं, उनकी सूची शीघ्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके मामलों का त्वरित निस्तारण कराया जा सके।
साथ ही जिन बंदियों की जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है, उन्हें भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिससे उन्हें समय पर न्यायिक राहत मिल सके।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जेल प्रशासन एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

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