नई दिल्ली, 24 मार्च 26। देश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने अनधिकृत फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के खिलाफ देशभर में कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत पैरासिटामोल के कुछ कॉम्बिनेशन सहित करीब 90 दवाओं को जांच के दायरे में लिया गया है।
स्वास्थ्य नियामक अधिकारियों के अनुसार साधारण पैरासिटामोल पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन पैरासिटामोल के अन्य दवाओं के साथ बने कुछ संयोजन (कॉम्बिनेशन) अनधिकृत पाए गए हैं, जिनकी बिक्री और निर्माण को लेकर जांच और कार्रवाई की जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि पैरासिटामोल या कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही निर्धारित मात्रा में लें।
डीसीजीआई द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि जिन फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं को बिना उचित अनुमति के बाजार में बेचा जा रहा है, उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। जांच के दायरे में मल्टीविटामिन, फोलिक एसिड, कुछ सिरप, पैरासिटामोल कॉम्बिनेशन, क्लोट्रिमाजोल, बिटामेथासोन क्रीम, डाइक्लोफेनाक पोटेशियम और डाइसाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड जैसी दवाएं शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 के लैब परीक्षण डाटा में बड़ी संख्या में दवाओं के नमूने अनधिकृत पाए गए थे। नियमानुसार किसी भी नई दवा या दवा संयोजन का निर्माण और बिक्री तब तक नहीं की जा सकती जब तक उसे लाइसेंसिंग प्राधिकरण से स्वीकृति न मिल जाए।
दवा नियामक ने संबंधित दवा निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है और अनधिकृत दवाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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