आकाश तायल (क्राइम रिपोर्टर)
मुजफ्फरनगर। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर खतौली स्थित गंग नहर किनारे बना प्राचीन मां काली मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के चलते मंदिर में प्रतिदिन सुबह से देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज रहा है।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु मां काली के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना हुआ है।
मंदिर के महंत चांदबीर ने बताया कि चैत्र नवरात्रि में खतौली ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों और मंडल से भी हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष पूजा-विधि, दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
मंदिर की मान्यता है कि मां काली के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यहां दर्शन करने से मानसिक शांति मिलती है तथा जीवन की बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के चलते कई श्रद्धालु नियमित रूप से मंदिर में दर्शन करने आते हैं।
नवरात्रि के चलते मंदिर परिसर के बाहर प्रसाद, फूल-माला, नारियल और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी सतर्क है और मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
खतौली का प्राचीन मां काली मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है, जहां हर वर्ग और समाज के लोग अपनी श्रद्धा अर्पित करने पहुंच रहे हैं।
