गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जमानत पर बाहर आने के बाद यदि कोई आरोपी पीड़ित, वादी या गवाह को धमकाता है तो ऐसे आरोपियों की जमानत निरस्त कराकर उन्हें दोबारा जेल भेजा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शुक्रवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी की समस्या सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों में लोगों ने शिकायत की कि मुकदमे में नामजद आरोपी जमानत पर छूटने के बाद समझौते का दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में तुरंत अदालत में जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की दबंगई, गुंडागर्दी और जमीन कब्जाने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भू-माफिया, असामाजिक तत्वों और कमजोर वर्ग को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित व्यक्ति को थाने और तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें और उसकी शिकायत पर समय से कार्रवाई हो।
जनता दर्शन के दौरान कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मरीजों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, उनका इलाज सरकारी सहायता से कराया जाए। अस्पताल से इलाज का खर्च का अनुमान मिलते ही शासन स्तर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी गरीब व्यक्ति का इलाज पैसों के अभाव में न रुके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां आए बच्चों से भी मुलाकात की, उन्हें स्नेह दिया और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। जनता दर्शन कार्यक्रम कई घंटों तक चला, जिसमें सैकड़ों लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है
