मुरादाबाद। जनपद के मैनाठेर थाना क्षेत्र के असलतनगर बघा गांव में वर्ष 2011 में हुए हिंसक बवाल और प्रशासनिक अधिकारियों पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 16 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। लंबे समय तक चली सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
बताया जाता है कि 6 जुलाई 2011 को पुलिस एक मामले की जांच के सिलसिले में गांव असलतनगर बघा पहुंची थी। इसी दौरान अफवाह फैलने पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पर हमला कर दिया। उस समय मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आईपीएस अशोक कुमार सिंह पर भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस समय के जिलाधिकारी राज शेखर भी मौके पर मौजूद थे, जो किसी तरह सुरक्षित बच गए थे।
घटना के दौरान उग्र भीड़ ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी भी की थी। पुलिस चौकी और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
करीब डेढ़ दशक तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 16 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया।
