लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में महंगी बिजली का झटका लगने वाला है। बिजली उत्पादन लागत और बिजली खरीद महंगी होने के कारण विद्युत कंपनियों ने फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ेगा। अप्रैल माह से उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिजली बिल देना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की ओर से फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की गई है। यह सरचार्ज बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोयला, गैस और अन्य ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लगाया जाता है। जब बिजली कंपनियों को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है, तो उस अतिरिक्त खर्च को फ्यूल सरचार्ज के रूप में उपभोक्ताओं से वसूला जाता है।
बताया जा रहा है कि इस बढ़ोतरी के बाद घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सभी की बिजली दरों पर असर पड़ेगा। हालांकि यह बढ़ोतरी सीधे प्रति यूनिट दर में नहीं होगी, बल्कि बिजली बिल में फ्यूल सरचार्ज जोड़कर वसूली जाएगी, जिससे कुल बिल की राशि बढ़ जाएगी।
ऊर्जा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गर्मियों के मौसम में बिजली की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कूलर, एसी, पंखे और मोटर आदि के अधिक उपयोग से पहले ही बिजली बिल ज्यादा आता है, और अब फ्यूल सरचार्ज बढ़ने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
वहीं उपभोक्ता संगठनों ने इस बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिजली कंपनियों की लाइन लॉस और बकाया वसूली की कमियों का बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से फ्यूल सरचार्ज बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके कारण यह निर्णय लेना पड़ा है। विभाग का कहना है कि बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह आवश्यक कदम है।
अब अप्रैल से आने वाले बिजली बिल में उपभोक्ताओं को इसका असर दिखाई देने लगेगा और उन्हें पहले की तुलना में अधिक बिल का भुगतान करना पड़ेगा।
