नई दिल्ली, 30 मार्च 26। केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने और ईंधन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने देश के सभी जिलों में चुनिंदा पेट्रोल पंपों से मिट्टी का तेल (केरोसिन) बेचने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के तहत प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को केरोसिन रखने और बेचने की अनुमति दी गई है, जिन पर सीमित मात्रा में स्टॉक रखा जाएगा।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार चयनित पेट्रोल पंपों को अधिकतम 5000 लीटर तक केरोसिन स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। यह केरोसिन मुख्य रूप से घरेलू उपयोग, विशेष रूप से गरीब और ग्रामीण परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर दबाव कम करना और जरूरतमंद लोगों तक आसानी से केरोसिन उपलब्ध कराना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था अस्थायी रूप से लागू की गई है, और स्थिति की समीक्षा के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अपने-अपने चयनित पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराएंगी। जिला प्रशासन और तेल कंपनियों की संयुक्त सहमति से पेट्रोल पंपों का चयन किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में अभी भी गरीब परिवार खाना बनाने और रोशनी के लिए मिट्टी के तेल पर निर्भर हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली से पर्याप्त मात्रा में केरोसिन न मिलने की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि लोगों को खुले बाजार में भी नियंत्रित व्यवस्था के तहत केरोसिन मिल सके।
सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें मिट्टी का तेल लेने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि चयनित पेट्रोल पंपों की सूची जारी कर आम जनता को जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

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