मुजफ्फरनगर। जनपद में काली नदी पूर्वी, जिसे नागिन नदी के नाम से जाना जाता है, के जीर्णोद्धार और संरक्षण को लेकर विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्री कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने की।
बैठक में नदी की वर्तमान स्थिति, उसमें गिरने वाले नालों की समस्या और जल निकासी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि अंतवाड़ा, पलड़ी, रसूलपुर कैलौरा, खोकनी, वाजिदपुर खुर्द, गालिबपुर, जसौड़ा जाटन, जसौला, सिकंदरपुर खुर्द तथा कढ़ली ग्राम पंचायतों में नदी से जुड़े नालों और जल निकासी चैनलों की सफाई के लिए तत्काल कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नदी को स्वच्छ और प्रवाहमान बनाए रखने के लिए समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
इसके साथ ही कृषि विभाग को संबंधित ग्रामों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि रासायनिक खाद और कीटनाशकों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके। प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भी नदी में गिरने वाले नालों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक श्री अभिनव राज ने जानकारी दी कि आगामी महीनों में नदी तटों पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नदी के किनारों को मजबूत किया जा सके।
इस दौरान नगर पालिका, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, मनरेगा, जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए नागिन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।

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