
मुजफ्फरनगर। शासन द्वारा चलाए जा रहे महिला सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान “मिशन शक्ति” के अंतर्गत मंगलवार को जिला कारागार मुजफ्फरनगर में उच्च अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला जज, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं तथा विशेष रूप से महिला बंदियों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण टीम में जिला जज वीरेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा शामिल रहे। अधिकारियों ने सबसे पहले जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और बैरकों, सीसीटीवी कैमरों, मुलाकात कक्ष, कार्यालय अभिलेख तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए।
इसके बाद अधिकारियों ने महिला बैरक में पहुंचकर महिला बंदियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिला बंदियों को उनके अधिकारों, महिला सुरक्षा कानूनों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने महिला बंदियों को बताया कि जेल से बाहर जाने के बाद वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को बेहतर बना सकती हैं। महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
निरीक्षण के दौरान जेल की रसोई का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन वितरण की व्यवस्था की जांच की। साथ ही जेल अस्पताल का निरीक्षण कर दवाइयों की उपलब्धता, बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। जेल चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि बीमार बंदियों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने जेल अधीक्षक और जेल स्टाफ के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। जेल में अनुशासन, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए।
इस दौरान जेल प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। मिशन शक्ति अभियान के तहत इस प्रकार के निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहने की बात अधिकारियों द्वारा कही गई।
