लखनऊ, 17 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विधान सभा में पुलिस व्यवस्था को लेकर जोरदार चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने सदन में कहा कि प्रदेश के अनेक जनपदों में थानों पर तैनात अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई बार उच्च अधिकारी संवाद के लिए उपलब्ध रहते हैं, किंतु थाने स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती। जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए दूरभाष संपर्क का उत्तर न दिए जाने की भी बात उठाई गई। नेता प्रतिपक्ष ने इसे जनसरोकारों की अनदेखी बताते हुए शासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
सदन में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। यदि थानों पर शिकायतों का समयबद्ध समाधान नहीं होगा तो जनता का विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने गृह विभाग से आग्रह किया कि प्रदेश भर में थानों की कार्यशैली की समीक्षा कर उत्तरदायित्व तय किया जाए।
इस विषय पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी कहा कि जहां कहीं शिकायतें हों, उनकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि विषय को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विधान सभा में उठे इस मुद्दे के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि निकट भविष्य में पुलिस व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जा सकती है। सदन में हुई यह चर्चा प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
