लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब अपना मकान बनाना और प्लॉट या फ्लैट खरीदना पहले से अधिक महंगा पड़ सकता है। प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा विकास शुल्क, भवन नक्शा स्वीकृति शुल्क और अन्य निर्माण से संबंधित शुल्कों में बढ़ोतरी किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद विकास प्राधिकरणों की योजनाओं में मिलने वाले प्लॉट और फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद द्वारा वसूले जाने वाले विकास शुल्क में संशोधन किया गया है। लंबे समय से शुल्कों में बढ़ोतरी नहीं हुई थी, जबकि भूमि अधिग्रहण, सड़क, सीवर, बिजली, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च लगातार बढ़ रहा था। इसी को देखते हुए सरकार ने शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। नए शुल्क लागू होने के बाद मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराना, निर्माण अनुमति लेना और विकास शुल्क जमा करना पहले से महंगा हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, वाराणसी, आगरा, मेरठ, प्रयागराज और अन्य बड़े शहरों में विकास शुल्क की दरों में बढ़ोतरी की गई है। विकास प्राधिकरणों का कहना है कि शहरों के विस्तार और नई कॉलोनियों के विकास के लिए भारी बजट की जरूरत होती है, जिसके कारण शुल्क बढ़ाना आवश्यक हो गया था। अधिकारियों के अनुसार इन शुल्कों से मिलने वाली धनराशि शहरों में सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, पार्क, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खर्च की जाएगी।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो नया मकान बनवाने की योजना बना रहे हैं या विकास प्राधिकरण की योजनाओं में प्लॉट और फ्लैट खरीदना चाहते हैं। बिल्डरों और कॉलोनाइजरों का भी कहना है कि विकास शुल्क बढ़ने से निर्माण लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर मकानों और फ्लैट की कीमतों पर पड़ेगा। यानी आने वाले समय में नई हाउसिंग स्कीम, फ्लैट और प्लॉट पहले की तुलना में महंगे मिल सकते हैं।
