कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के खुलासे के बाद सामने आई एक घटना ने पूरे मामले को भावनात्मक मोड़ दे दिया। अपनी किडनी बेचने वाले एमबीए छात्र को जब पुलिस पूछताछ के लिए लाई तो वह अपनी प्रेमिका के सामने ही फूट-फूटकर रोने लगा और पुलिस अधिकारियों के पैर पकड़कर गुहार लगाने लगा कि उसकी माँ को इस बारे में कुछ भी न बताया जाए। छात्र बार-बार कहता रहा कि उसकी माँ को यदि इस बात का पता चल गया तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएगी।
जानकारी के अनुसार, कानपुर में पुलिस ने हाल ही में एक बड़े अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में कुछ डॉक्टर, अस्पताल से जुड़े लोग और बिचौलिये शामिल बताए जा रहे हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनसे किडनी निकलवाते थे और फिर मरीजों से मोटी रकम लेकर अवैध ट्रांसप्लांट कराते थे।
जांच के दौरान सामने आया कि किडनी देने वाला युवक एमबीए का छात्र है और आर्थिक परेशानियों के चलते उसने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि छात्र को किडनी देने के बदले बड़ी रकम देने का वादा किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसे पूरी रकम नहीं मिली, जिसके बाद विवाद हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया। इसी के बाद पूरे किडनी रैकेट का खुलासा हो गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जब छात्र की प्रेमिका वहां पहुंची तो वह खुद को संभाल नहीं पाया और रोने लगा। उसने पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर विनती की कि उसकी माँ को इस बारे में कुछ न बताया जाए। छात्र का कहना था कि उसकी पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है और यदि उसकी माँ को यह पता चल गया कि उसने पैसों के लिए अपनी किडनी बेच दी, तो वह यह सदमा सहन नहीं कर पाएगी।
जांच में यह भी पता चला है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से ऐसे लोगों की तलाश करता था जिन्हें पैसों की जरूरत हो। इसके बाद उन्हें किडनी दान के नाम पर तैयार किया जाता था और निजी अस्पतालों में अवैध तरीके से ट्रांसप्लांट कराया जाता था। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और इसमें और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सामने आने के बाद एक तरफ जहां अवैध अंग तस्करी का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक तंगी और मजबूरी में युवाओं द्वारा उठाए जा रहे खतरनाक कदमों की भी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है।
