कुशीनगर। जनपद के खड्डा क्षेत्र में आयोजित चैत्र बरनी मेले में उस समय बड़ा हादसा हो गया जब मेले में लगा लगभग 60 फीट ऊंचा विशाल झूला अचानक उखड़कर जमीन पर गिर पड़ा। झूले पर उस समय बड़ी संख्या में लोग सवार थे। हादसा होते ही मेले में चीख-पुकार मच गई और खुशियों का माहौल अफरा-तफरी में बदल गया। इस दुर्घटना में 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें करीब 10 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खड्डा थाना क्षेत्र में लगने वाले प्रसिद्ध चैत्र बरनी मेले में हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़े-बड़े झूले और मनोरंजन के साधन लगाए गए थे। बुधवार देर शाम मेले में भारी भीड़ थी और एक बड़ा बिजली से चलने वाला झूला पूरी गति से चल रहा था। बताया जा रहा है कि झूले पर क्षमता से अधिक, लगभग 70 से 80 लोग सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला तेज गति से घूम रहा था तभी अचानक उसका मुख्य ढांचा एक तरफ झुक गया और कुछ ही सेकंड में पूरा झूला जड़ से उखड़कर नीचे आ गिरा। झूला गिरते ही उसमें बैठे लोग नीचे गिर गए और कई लोग लोहे के ढांचे के नीचे दब गए। घटना के बाद मेले में भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
मौके पर मौजूद लोगों और दुकानदारों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और झूले के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा और जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं और कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि झूला संचालकों द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था और झूले की सही तरीके से फिटिंग व सुरक्षा जांच भी नहीं कराई गई थी। बताया जा रहा है कि झूले पर जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाया गया था, जिससे संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मेले में लगे अन्य झूलों को भी एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और झूला संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
