शामली। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। गेहूं खरीद शुरू होने के साथ ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है और खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर तौल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे और किसानों को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा न करनी पड़े।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खरीद केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और तौल मशीनों की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था पारदर्शी तरीके से लागू करने को भी कहा गया है, ताकि केंद्रों पर भीड़ न लगे और खरीद प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से चल सके।
अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि किसानों के गेहूं का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाए। यदि भुगतान में अनावश्यक देरी या किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि गेहूं बेचने से पहले खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण अवश्य करा लें और क्रय केंद्रों पर साफ, सूखा और निर्धारित मानकों के अनुसार गेहूं ही लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न हो।
जनपद में गेहूं खरीद शुरू होने से किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है और प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित कराया जाएगा।
