लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में नई शिक्षक भर्ती को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विधानसभा सत्र के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राज्य में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है, इसलिए तत्काल नई भर्ती प्रस्तावित नहीं है।
मंत्री के अनुसार विभागीय आंकड़ों की समीक्षा में पाया गया है कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और छात्र संख्या के अनुपात को देखते हुए फिलहाल अतिरिक्त नियुक्तियों की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिक्त पदों की स्थिति और विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों का समय-समय पर आकलन किया जाता रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हजारों पद रिक्त बताए जाते रहे हैं, लेकिन सरकार का मानना है कि समायोजन, स्थानांतरण और आंतरिक व्यवस्थाओं के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था को संतुलित किया जा सकता है।
सरकार के इस बयान के बाद शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में निराशा देखी जा रही है। लंबे समय से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगाने के बाद ऐसी घोषणा से उनका भविष्य अनिश्चित हो जाता है।
विपक्षी दलों ने भी सरकार के निर्णय पर प्रश्न उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में अब भी शिक्षकों की कमी है और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नियमित भर्ती आवश्यक है।
मंत्री संदीप सिंह ने हालांकि संकेत दिया कि यदि भविष्य में छात्र संख्या या शैक्षणिक आवश्यकताओं के आधार पर जरूरत महसूस हुई तो सरकार इस विषय पर पुनर्विचार कर सकती है। फिलहाल विभाग का ध्यान मौजूदा शिक्षकों के समुचित उपयोग और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर केंद्रित रहेगा।
