मेरठ। शहर में ट्रैफिक पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए गहनों और कीमती सामान से भरा बैग उसके असली मालिक को सुरक्षित लौटाकर पुलिस विभाग की छवि को मजबूत किया है। घटना मेट्रो प्लाजा चौराहे की बताई जा रही है, जहां ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी की सतर्कता से एक परिवार की बड़ी परेशानी टल गई।
जानकारी के अनुसार एक दंपति मेरठ से मोदीनगर जाने के लिए ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। स्टेशन पहुंचने की जल्दी में दंपति ई-रिक्शा से उतर गया, लेकिन उनका एक बैग उसी में छूट गया। बैग में सोने-चांदी के जेवर, जरूरी कागजात और महंगे कपड़े रखे हुए थे। मोदीनगर पहुंचने के बाद दंपति को बैग गायब होने का पता चला तो उनके होश उड़ गए और वे तुरंत मेरठ वापस लौट आए।
इधर मेट्रो प्लाजा चौराहे पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक हेड कांस्टेबल विजय सिंह को चेकिंग के दौरान एक ई-रिक्शा में लावारिस बैग पड़ा मिला। उन्होंने बैग को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रख लिया और आसपास पूछताछ भी की, लेकिन बैग का मालिक नहीं मिल सका। पुलिसकर्मी बैग को अपने पास सुरक्षित रखकर उसके मालिक के आने का इंतजार करते रहे।
करीब दो घंटे बाद एक दंपति घबराई हुई हालत में मेट्रो प्लाजा चौराहे पर पहुंचा और ट्रैफिक पुलिस से बैग के बारे में जानकारी ली। हेड कांस्टेबल विजय सिंह ने उनसे बैग का रंग, अंदर रखे सामान और अन्य पहचान संबंधी जानकारी पूछी। जब दंपति ने सही जानकारी दी, तब पुलिसकर्मी ने बैग उन्हें सौंप दिया।
बैग सुरक्षित मिलने पर दंपति भावुक हो गया और ट्रैफिक पुलिसकर्मी का धन्यवाद करते हुए उनकी ईमानदारी की सराहना की। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने भी ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली और ईमानदारी की प्रशंसा की।
