मेरठ। तलाक को आमतौर पर समाज में दुख और बदनामी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन मेरठ में एक पिता ने समाज की इस सोच को बदलते हुए अनोखी मिसाल पेश की। तलाक के बाद जब उनकी बेटी अपने मायके लौटी तो घर में शोक नहीं बल्कि जश्न का माहौल बनाया गया। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के साथ बेटी का स्वागत किया गया। इस अनोखी पहल की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
जानकारी के अनुसार मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र निवासी एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी की बेटी का विवाह कुछ वर्ष पूर्व हुआ था, लेकिन शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ते गए। मामला अदालत तक पहुंचा और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद जब बेटी अपने मायके वापस आई तो पिता ने इसे दुख की घटना मानने के बजाय बेटी की नई जिंदगी की शुरुआत मानते हुए उसका भव्य स्वागत करने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि जैसे ही बेटी घर पहुंची, पहले से बुलाए गए ढोल वादकों ने ढोल-नगाड़े बजाने शुरू कर दिए। परिवार के लोग और रिश्तेदार नाचते-गाते हुए बेटी को घर तक लेकर आए। घर के बाहर आतिशबाजी की गई, मिठाइयां बांटी गईं और बेटी पर फूल बरसाकर उसका सम्मान के साथ स्वागत किया गया। यह दृश्य देखने के लिए आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए।
पिता ने इस दौरान कहा कि उनकी बेटी किसी पर बोझ नहीं है, बल्कि उनका गर्व और सम्मान है। उन्होंने कहा कि गलत रिश्ते में पूरी जिंदगी दुख झेलने से बेहतर है कि बेटी अपने घर वापस आकर सम्मान के साथ नई जिंदगी शुरू करे। उन्होंने समाज से भी अपील की कि तलाक को कलंक की तरह न देखा जाए, बल्कि इसे नई शुरुआत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग पिता की सोच की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताते हुए कहा कि बेटियों को बोझ नहीं बल्कि सम्मान समझा जाना चाहिए।
